सामान्य मेडिकल क्लिनिक का सही वर्गीकरण
मेडिकल क्लिनिक का सामान्य मॉडल आउटपेशेंट सेवा पर आधारित होता है: मरीज सलाह, जांच, निदान, फॉलो-अप या सामान्य उपचार के लिए आता है और आम तौर पर भर्ती हुए बिना वापस चला जाता है। यदि प्रतिष्ठान का मुख्य काम सामान्य चिकित्सकीय परामर्श है, तो NIC 862001 को प्राथमिक गतिविधि के रूप में देखना चाहिए। यह उस तरह के क्लिनिक के लिए अधिक स्वाभाविक है जहाँ जनरल फिजिशियन या सामान्य चिकित्सा प्रैक्टिशनर मरीजों को देखते हैं।
सिर्फ डॉक्टर मौजूद होने से हर स्वास्थ्य व्यवसाय इसी कोड में नहीं आता। दंत चिकित्सालय, पैथोलॉजी लैब, अस्पताल और अन्य विशिष्ट स्वास्थ्य सेवाओं की अपनी अलग गतिविधियाँ होती हैं। इसलिए रजिस्ट्रेशन के समय यह पूछना अधिक उपयोगी है कि मरीज यहाँ किस सेवा के लिए आता है और प्रतिष्ठान वास्तव में किस प्रकार की सुविधा चलाता है।
क्लिनिक और अस्पताल का फर्क कहाँ बनता है?
मुख्य अंतर भर्ती और इनपेशेंट देखभाल का है। सामान्य क्लिनिक में परामर्श, बेसिक क्लिनिकल जांच, दवा लिखना, छोटे स्तर की प्रक्रिया या फॉलो-अप हो सकता है, लेकिन वहाँ अस्पताल जैसा नियमित बेड, सतत नर्सिंग और भर्ती आधारित उपचार मुख्य कारोबार नहीं होता। यदि मरीजों को भर्ती करना और लंबे समय तक चिकित्सा निगरानी देना संस्था का केंद्र है, तो अस्पताल वाला NIC वर्गीकरण अधिक उपयुक्त हो सकता है।
विशेषज्ञ क्लिनिक को अलग क्यों देखना चाहिए?
दंत चिकित्सा, डायग्नोस्टिक परीक्षण, इमेजिंग, फिजियोथेरेपी या किसी अन्य विशिष्ट सेवा पर केंद्रित इकाई का आर्थिक काम सामान्य चिकित्सा परामर्श से अलग होता है। उदाहरण के लिए पैथोलॉजी लैब का मुख्य उत्पादन टेस्ट रिपोर्ट है, जबकि जनरल क्लिनिक का मुख्य काम डॉक्टर द्वारा मरीज का मूल्यांकन और उपचार योजना है। मालिक की पेशेवर पहचान से अधिक महत्वपूर्ण वास्तविक सेवा है।
प्रधान गतिविधि तय करने का व्यावहारिक तरीका
मरीज की पूरी यात्रा देखें। क्या वह अपॉइंटमेंट लेकर डॉक्टर से मिलता है, लक्षण बताता है, शारीरिक जांच कराता है और सलाह या प्रिस्क्रिप्शन लेकर जाता है? यदि हाँ, तो सामान्य मेडिकल प्रैक्टिस का संकेत मजबूत है। दूसरी ओर यदि अधिकांश मरीज सिर्फ रक्त जांच, स्कैन, दंत प्रक्रिया या किसी विशेष थेरेपी के लिए आते हैं, तो उसी प्रमुख सेवा के NIC को प्राथमिकता देना चाहिए।
कई क्लिनिक के अंदर दवा काउंटर या सैंपल कलेक्शन सुविधा भी होती है। यदि ये केवल सहायक सुविधा हैं तो वे क्लिनिक की मुख्य प्रकृति नहीं बदलतीं। लेकिन अलग बिलिंग, अलग स्टाफ और महत्वपूर्ण आय के साथ फार्मेसी या डायग्नोस्टिक यूनिट चल रही हो तो अतिरिक्त गतिविधि को अलग दर्ज करना उपयोगी हो सकता है।
उदाहरण
- सर्दी, बुखार, मधुमेह फॉलो-अप और सामान्य परामर्श देने वाला फैमिली क्लिनिक — 862001 देखें।
- कई डॉक्टरों वाला क्लिनिक जिसमें सामान्य चिकित्सा प्रमुख है — मुख्य आय और मरीजों के प्रकार के आधार पर प्रधान कोड चुनें।
- दांतों की जांच और उपचार करने वाला डेंटल क्लिनिक — दंत चिकित्सा की अलग गतिविधि चुनें।
- केवल ब्लड/पैथोलॉजी जांच करने वाला केंद्र — डायग्नोस्टिक लैब का कोड देखें।
- बेड और भर्ती आधारित इलाज वाला प्रतिष्ठान — अस्पताल वर्गीकरण से तुलना करें।
NIC आर्थिक गतिविधि को वर्गीकृत करता है, इसलिए एक हेल्थकेयर समूह की क्लिनिक, लैब, फार्मेसी और अस्पताल इकाइयों के कोड अलग हो सकते हैं। आवेदन करते समय उसी इकाई की वास्तविक सेवा और संबंधित पोर्टल द्वारा मांगे गए NIC संस्करण को आधार बनाना चाहिए।